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अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, महंगाई के चलते आगे बढ़ सकती हैं मुश्किलें

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Oct 29, 2026 06:48 am IST,  Updated : Oct 29, 2026 06:48 am IST

अमेरिका में महंगाई का दबाव कम नहीं हो रहा है और आम लोगों के लिए रोजमर्रा की चीजें महंगी बनी हुई हैं। इस बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें नहीं बदली Image Source : AP

अमेरिका में महंगाई ने एक बार फिर केंद्रीय बैंक की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को अपनी प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया और इन्हें करीब 3.9% पर बरकरार रखा। हालांकि, बैंक ने साफ कहा कि महंगाई अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। ऐसे में आने वाले महीनों में ब्याज दरें बढ़ाने का विकल्प खुला रह सकता है। इससे अमेरिका में घर, कार और क्रेडिट कार्ड के लिए कर्ज लेना और महंगा हो सकता है।

फेडरल रिजर्व ने अपनी दो दिवसीय बैठक के बाद जारी बयान में कहा कि महंगाई अभी भी ऊंची है। बैंक का लक्ष्य महंगाई को 2% तक लाना है। फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने से अधिकारियों को आर्थिक आंकड़ों का और इंतजार करने का मौका मिलेगा। इसके आधार पर वे तय करेंगे कि आगे ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठाना चाहिए। पिछले महीने फेड ने तीन साल में पहली बार अपनी प्रमुख ब्याज दर बढ़ाई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ब्याज दरें घटाने की मांग करते रहे हैं, लेकिन महंगाई पर काबू पाने के लिए फेड ने सख्त रुख अपनाया है।

दिसंबर में बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

फेड के ताजा बयान से यह साफ नहीं हुआ है कि अगला कदम क्या होगा। हालांकि, पिछले महीने अधिकारियों ने इस साल एक और बार ब्याज दर बढ़ाने का अनुमान जताया था। वायदा बाजार के संकेतों के मुताबिक, निवेशक भी दिसंबर में दरें बढ़ने की संभावना देख रहे हैं। बुधवार की बैठक में फेड के दो अधिकारियों ने दरें 0.25 प्रतिशत अंक बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया। इससे पता चलता है कि केंद्रीय बैंक के भीतर भी महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है।

सितंबर में 3.7% रही महंगाई

अमेरिका में सितंबर के दौरान उपभोक्ता कीमतें एक साल पहले की तुलना में 3.7% बढ़ीं। फरवरी में यह दर 2.4% थी। अगस्त और सितंबर, दोनों महीनों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 0.3% बढ़ा। यह फेड के 2% के लक्ष्य से काफी ज्यादा है। फेड जिस दूसरे महंगाई सूचकांक पर भी नजर रखता है, उसके सितंबर में सालाना आधार पर 3.6% बढ़ने का अनुमान है। ऊर्जा की ऊंची कीमतें और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से हो रहा खर्च भी कीमतों पर दबाव डाल रहे हैं।

आम लोगों पर क्या होगा असर?

ब्याज दरें बढ़ने से होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड का कर्ज महंगा हो सकता है। अमेरिका में 30 साल के होम लोन की औसत दर इस महीने की शुरुआत में तीन साल के उच्च स्तर 7.4% तक पहुंच गई थी। हालांकि, बाद में इसमें थोड़ी गिरावट आई। दूसरी ओर, अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति अभी मजबूत बनी हुई है और बेरोजगारी दर 4.2% है। ऐसे में फेड के सामने चुनौती आर्थिक विकास को नुकसान पहुंचाए बिना महंगाई कम करने की है। आने वाले आर्थिक आंकड़े तय करेंगे कि केंद्रीय बैंक दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ाता है या उन्हें स्थिर रखता है।

इनपुट- AP

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